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भावनगर में खुला क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र: विज्ञान के प्रति उत्साह का नया केंद्र
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भावनगर में विज्ञान केंद्र की शुरुआत: शिक्षा में नवाचार और उत्साह का संचार

प्रधानमंत्री मोदी ने भावनगर में क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया: छात्रों के लिए ज्ञान और विज्ञान का नया मार्गदर्शक

भावनगर में खुला क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र: विज्ञान के प्रति उत्साह का नया केंद्र

भावनगर: गुजरात के भावनगर में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 सितंबर 2022 को नारी गांव के निकट 20 एकड़ भूमि पर लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र न केवल भावनगर, बल्कि बोटाद, अमरेली और सुरेंद्रनगर के छात्रों के लिए भी विज्ञान की दुनिया में एक अनमोल अवसर प्रदान करेगा।

क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना है। पिछले दो वर्षों में, इस केंद्र को ढाई लाख से अधिक आगंतुकों ने देखा है, जिनमें 80,000 से अधिक स्कूली छात्र शामिल हैं। यह केंद्र गुजरात सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत काम कर रहा है, जिसमें बच्चों में ‘एसटीईएम’ शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाने का विशेष प्रयास किया जा रहा है।

केंद्र में पाँच प्रमुख दीर्घाएँ हैं, जो विभिन्न वैज्ञानिक अवधारणाओं और तकनीकों को प्रदर्शित करती हैं। इनमें मरीन एक्वेटिक्स गैलरी, ऑटोमोबाइल गैलरी, नोबेल पुरस्कार गैलरी, इलेक्ट्रो मैकेनिक्स गैलरी, और जीवविज्ञान गैलरी शामिल हैं। प्रत्येक गैलरी में शिक्षाप्रद सामग्री और इंटरैक्टिव प्रदर्शनों के माध्यम से आगंतुकों को विज्ञान के प्रति आकर्षित करने का प्रयास किया गया है।

इसके अलावा, क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र विभिन्न कार्यशालाएँ और कार्यक्रम भी आयोजित करता है, जैसे एआई कार्यशाला, विज्ञान ग्रीष्मकालीन शिविर, और बाल विज्ञान प्रदर्शनी। ये कार्यक्रम बच्चों को नया सीखने और वैज्ञानिक कौशल विकसित करने में मदद करते हैं।

परियोजना निदेशक ने बताया कि यह विज्ञान केंद्र न केवल शिक्षा का स्थान है, बल्कि यहाँ पर मनोरंजन और ज्ञान का अद्भुत संगम भी है। केंद्र का उद्देश्य भावनगर और आसपास के क्षेत्र के लोगों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाना और वैज्ञानिक सोच को प्रोत्साहित करना है।

क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र भावनगर, विज्ञान के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ-साथ छात्रों और आम लोगों के लिए एक प्रमुख स्थल बन चुका है, जो आने वाले समय में विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नई ऊँचाइयाँ छूने में मदद करेगा।

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