Jansansar
Heaven and hell: Depends on our thinking and cooperation
लाइफस्टाइल

स्वर्ग और नर्क: हमारी सोच और सहयोग पर निर्भर

एक बार एक बूढ़ी औरत, शकुन्तला, को उसकी जिंदगी भर की अच्छाइयों के बदले फरिश्तों ने उसकी एक ख्वाहिश पूरी करने की मंजूरी दी।
शकुन्तला ने फरिश्तों से कहा कि वह मरने से पहले स्वर्ग और नर्क दोनों की यात्रा करना चाहती है।
फरिश्तों ने उसकी ख्वाहिश पूरी करने का वादा किया और उसे एक बहुत बड़े भोजन कक्ष में ले जाया गया जहां विशाल डाइनिंग टेबल पर स्वादिष्ट भोजन और अच्छे ड्रिंक्स सजाए गए थे। लेकिन टेबल के चारों तरफ बैठे लोग भूखे और दुखी लग रहे थे क्योंकि उनके हाथों में कोहनी तक लंबे चम्मच बंधे हुए थे, जिससे वे खाना अपने मुंह तक नहीं ले पा रहे थे।
शकुन्तला ने फरिश्तों से पूछा, “क्या यह नर्क है?” फरिश्तों ने कहा, “हाँ।”
शकुन्तला ने तुरंत कहा, “मुझे यहां से दूर ले चलो।” और उसे एक नए भोजन कक्ष में ले जाया गया। इस बार भी वही विशाल डाइनिंग टेबल, वही स्वादिष्ट भोजन और ड्रिंक्स थे, लेकिन इस बार लोग खुश और संतुष्ट थे।
शकुन्तला ने फरिश्तों से पूछा, “यह वही भोजन कक्ष है, वही भोजन है, वही ड्रिंक्स हैं, लेकिन यहां के लोग खुश क्यों हैं?” फरिश्तों ने कहा, “ध्यान से देखो। इन लोगों के हाथों में भी कोहनी तक चम्मच बंधे हुए हैं, लेकिन उन्होंने एक-दूसरे को खाना खिलाना सीख लिया है!”
दोस्तों, इस छोटी कहानी की तरह ही हम अपने जीवन में स्वर्ग या नर्क दोनों का अनुभव कर सकते हैं। अगर हमें स्वर्ग का अनुभव करना है तो हमें दूसरों के बारे में सोचना होगा, दूसरों को खिलाना होगा और उनकी मदद करनी होगी। चॉइस हमारी है, हम अपनी जिंदगी को स्वर्ग जैसा या नर्क जैसा बना सकते हैं।

Related posts

बिहार की मंजू सिन्हा: 16 वर्षों से बेटियों के स्वास्थ्य और जागरूकता की मजबूत आवाज

Jansansar News Desk

MoMaCu की स्क्रीनिंग में सितारों का जमघट, दिल्ली में धूमधाम से हुआ भव्य प्रीमियर

Jansansar News Desk

अक्षय तृतीया पर BharatPe गोल्ड महोत्सव, निवेश पर रिवॉर्ड्स और INR 1 लाख जैकपॉट मौका

Jansansar News Desk

“अटल बिहारी बाजपेई कवि रत्न सम्मान 2026” के लिए डा.अवनीश राही का चयन

Jansansar News Desk

सूरत की केसरिया टेक्सटाइल कंपनी ने लॉन्च किए दो नए ब्रांड

Jansansar News Desk

महिला सशक्तिकरण के लिए डॉ. दिव्या ज्योति ने किया सराहनीय कार्य, बनी रोल मॉडल

Ravi Jekar

Leave a Comment