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कलर्स का ‘मेरा बलम थानेदार’: शगुन पांडे कहते हैं, “मैं हमेशा से ऑनस्क्रीन कॉप बनना चाहता था”

राजस्थान की खूबसूरत जगहों पर सेट किया गया, कलर्स प्रस्तुत करता है ‘मेरा बलम थानेदार’, एक ऐसी कहानी जो बुलबुल और वीर के जीवन को दर्शाती है जिनका व्यक्तित्व पूरी तरह से अलग है लेकिन नियति आपस में जुड़ी हुई है। बुलबुल एक ज़िंदादिल युवती है जो अपनी मां की हर बात का पालन करती है। वह इस बात से पूरी तरह अंजान है कि वह नाबालिग है। दूसरी ओर, एक ईमानदार आईपीएस अधिकारी वीर हर तरह के धोखे का दृढ़ता से विरोध करता है। बुलबुल को नहीं पता कि उसके माता-पिता ने उसकी असली उम्र छुपाई है। इस बीच, नाबालिग विवाह का दृढ़ता से विरोध करने वाला, वीर अनजाने में बुलबुल से शादी कर लेता है, इस बात से अनजान कि वह नाबालिग है। क्या धोखे और नियति की पृष्ठभूमि के बीच इस प्रेमहीन विवाह में प्यार अपनी जगह बना पाएगा?

  1. शो ‘मेरा बलम थानेदार’ के बारे में कुछ बताएं? :- यह दो अलग-अलग व्यक्तित्व वाले लोगों की कहानी है जिन्हें भाग्य एक साथ लाया है। बुलबुल ज़िंदादिल है और हर किसी की मदद करने में विश्वास रखती है, भले ही इसकी वज़ह से उसे अच्छे मकसद के लिए थोड़ा झूठ बोलना पड़े। दूसरी ओर, वीर एक ईमानदार पुलिस अधिकारी है जिसे बेईमानी से नफरत है। बुलबुल को नहीं पता कि उसके परिवार ने उसकी असली उम्र सभी से छुपाई है। और भाग्य के एक मोड़ पर, नाबालिग विवाह के खिलाफ लड़ने वाला, वीर बुलबुल से शादी कर लेता है, बिना यह जाने कि वह कम उम्र की है। यह कहानी इस बात की पड़ताल करती है कि क्या रहस्यों से शुरू होने वाली और बिना ज्यादा प्यार वाली शादी में, उनके बीच प्यार पनप सकता है। यह कहानी बताती है कि कैसे जटिल सच्चाइयों और अप्रत्याशित हालातों में भी प्यार अपना रास्ता खोज लेता है।
  2. शो में अपने किरदार के बारे में बताएं? :- मैं वीर का किरदार निभा रहा हूं, जो एक ईमानदार आईपीएस अधिकारी है। उसे झूठ से नफरत है और वह हर तरह के धोखे को गंभीर अपराध मानता है। वह नाबालिग विवाह के खिलाफ है, लेकिन नियति उसे बुलबुल से शादी करने के लिए मजबूर करती है, जो इस बात से अनजान है कि वह नाबालिग है। जब उसकी असली उम्र सामने आएगी, तो वीर को नाबालिग से शादी करने के परिणाम भुगतने होंगे।
  3. आपने इस शो और किरदार के लिए हां क्यों कहा? :-‘मेरा बलम थानेदार’ की कहानी जब मुझे पहली बार सुनाई गई थी, तो यह मुझे बहुत पसंद आई। जब मैंने सुना कि वीर किस तरह का इंसान है तो मैं यह समझ गया कि यह भूमिका मेरे लिए ही बनी है। मैंने इसे अपनी बहुमुखी प्रतिभा को परखने के अवसर के रूप में देखा। एक आईपीएस अधिकारी के रूप में, वीर का कर्तव्य केवल कानून लागू कराना नहीं है; बल्कि हमारे समाज के मूल ढांचे की सुरक्षा करना भी है। यह केवल वर्दी पहनने के बारे में नहीं है; यह हर हालत में सच्चाई को कायम रखने की प्रतिबद्धता भी है। मैं हमेशा से एक ऑनस्क्रीन कॉप बनना चाहता था, और मेरे सिनेमाई संदर्भ पुलिस की भूमिका निभाने वाले बॉलीवुड सितारे नहीं हैं, बल्कि वास्तविक पुलिस वाले हैं जो हमें सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए दिन-रात सड़कों पर तैनात रहते हैं। इस असाधारण प्रेम कहानी का हिस्सा बनने के लिए सहमति देना कोई आसान काम नहीं था।
  4. एक आईपीएस अधिकारी, वीर की भूमिका के लिए आपने कैसे तैयारी की? :- जब मुझे वीर का किरदार निभाने का मौका मिला, तो मैं समझना चाहता था कि कॉप बनना कैसा होता है। मैंने परिवार के उन सदस्यों से बात की जो पुलिसकर्मी हैं या जिन्होंने पुलिस बनने के लिए ट्रेनिंग ली हैं। उनका जीवन और वे पुलिस स्टेशन में अपने अधीनस्थों, वरिष्ठों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं और यह मेरे लिए मार्गदर्शक बन गया। वीर दृढ़ विश्वासों वाला और झूठ को नापसंद करने वाला है। मैं भाग्यशाली हूं कि मैं उसके जैसे कई खाकी वर्दीधारी लोगों को जानता हूं। मैंने उनकी बॉडी लैंग्वेज का अनुकरण किया और बोलने के तरीके में कुछ बदलाव किए जो मैंने राजस्थान में देखे थे। असली पुलिस वालों से मिलने और उनके साथ कुछ समय बिताने से मुझे वास्तव में खाकी पहनने की बारीक बातें सीखने में मदद मिली। और अब जब भी मैं इस गेट अप में होता हूं, तो मुझे खुद-ब-खुद ही किसी पुलिस वाले जैसा एहसास होने लगता है। मैं अपने आस-पास मौजूद हर व्यक्ति के प्रति सुरक्षात्मक महसूस करने लगता हूं।
  5. क्या आपको आईपीएस अधिकारी की भूमिका निभाने में किसी कठिनाई का सामना करना पड़ा? :- ऐसी कोई कठिनाई नहीं थी। इस शो में, मैं पहली बार एक कॉप की भूमिका निभा रहा हूं और मैं इस किरदार को विश्वसनीय और प्रामाणिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता था। मैंने इस बात का ध्यान रखा कि मैं मज़ाकिया न लगूं और ज्यादा से ज्यादा वास्तविक दिखूं। इस चुनौती से पार पाना बेहद फायदेमंद था। मुझे जो प्रशिक्षण मिला उससे मुझे वास्तव में एक कॉप की बॉडी लैंग्वेज को बेहतर ढंग से सीखने में मदद मिली।
  6. एक ऐसे दौर में, जब दर्शकों की पसंद में महत्वपूर्ण बदलाव आया है, क्या कुछ तय मानदंडों के अनुसार काम करना और उनका पालन करना चुनौतीपूर्ण है? :- बिल्कुल नहीं। मुझे ऐसे किरदार निभाना पसंद है जो चुनौती पेश करते हैं। मैं अपने किरदारों को अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमता से निभाने की कोशिश करता हूं, इस उम्मीद में कि दर्शक मेरे प्रदर्शन की सराहना करेंगे, चाहे वह कोई भी मंच क्यों न हो।
  7. अपने सह-कलाकारों के साथ आपका रिश्ता कैसा है? :- ऐसे प्रतिभाशाली कलाकारों के साथ काम करना, मेरे लिए सीखने का अविश्वसनीय अनुभव रहा है। मैं वाकई मानता हूं कि जब आप अद्भुत कौशल वाले लोगों के साथ काम करते हैं, तो यह पूरी कहानी को नए स्तर पर ले जाता है। मैं भाग्यशाली रहा हूं कि मुझे राजेंद्र चावला, नीलू वाघेला और ऋषि खुराना जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा करने का मौका मिला। उनकी कुशलता और प्रतिभा ने हमारे शो को और भी खास बना दिया है। श्रुति के साथ काम करने का अनुभव अद्भुत है। हमने ऑन-स्क्रीन और ऑफ-स्क्रीन दोनों जगह मजबूत रिश्ता बनाया है, और यह कनेक्शन हमारे प्रदर्शन में झलकता है।
  8. राजस्थान में शूटिंग करने का आपका अनुभव कैसा रहा? :- हमारी शूटिंग के दौरान राजस्थान का मौसम ठंडा और सुहावना था। हमने दर्शनीय स्थल घूमने और व्यंजनों को चखने का बहुत आनंद लिया। दाल बाटी चूरमा अब मेरा पसंदीदा फूड है। हमने राजस्थान का प्रसिद्ध कठपुतली डांस भी देखा। इस राज्य में फिल्माए गए दृश्य हमेशा मेरे दिल के करीब रहेंगे।
  9. दर्शकों के लिए आपका क्या संदेश है?:- मैं हमेशा मेरा साथ देने के लिए अपने सभी प्रशंसकों का आभारी हूं। चूंकि मैं ‘मेरा बलम थानेदार’ के साथ एक अभिनेता के रूप में नया सफर शुरू कर रहा हूं, तो मुझे उम्मीद है कि दर्शक मुझे वीर के रूप में अपनाएंगे।

शशि सुमीत प्रोडक्शंस द्वारा निर्मित, ‘मेरा बलम थानेदार’ का प्रीमियर 3 जनवरी 2024 को होगा, जो हर सोमवार से शुक्रवार को रात 9:30 बजे केवल कलर्स पर प्रसारित होगा।

 

 

 

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