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शासकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय
एजुकेशनहेल्थ & ब्यूटी

शासकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, छत्रपति संभाजीनगर को लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिलने का गौरव!

छत्रपति संभाजीनगर, 21 जून 2025 — मराठवाड़ा क्षेत्र का एकमात्र शासकीय दंत महाविद्यालय, शासकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय (GDC), छत्रपति संभाजीनगर ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इसे London Book of World Records द्वारा “Largest Oral Health Awareness and Screening Campaign by a Government Dental Institution” के लिए विश्व रिकॉर्ड प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया है।

इस व्यापक जनस्वास्थ्य पहल के अंतर्गत हज़ारों नागरिकों को मुफ्त मौखिक जांच, परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया। इस अभियान ने न केवल जन-जागरूकता को बढ़ाया बल्कि दंत चिकित्सा क्षेत्र में व्यावसायिक उत्कृष्टता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक सेवा को भी मजबूती दी।

प्रमाणपत्र क्रमांक (No. LBOWRE4010537) के अंतर्गत यह रिकॉर्ड 21 जून 2025 को आधिकारिक रूप से दर्ज किया गया, जो महाविद्यालय और पूरे मराठवाड़ा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक दिन बन गया।

सेवा और उत्कृष्टता की परंपरा

1982 में स्थापित, शासकीय दंत महाविद्यालय एवं चिकित्सालय ने चार दशकों से अधिक समय तक दंत शिक्षा और जन सेवा में अग्रणी भूमिका निभाई है। यह संस्थान ऐसे डॉक्टर तैयार कर रहा है जो भारत ही नहीं, विदेशों में भी सेवाएं दे रहे हैं। आधुनिक सुविधाएं, समर्पित फैकल्टी और सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ GDC आज सरकारी दंत चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में अग्रणी बन चुका है।

महाविद्यालय ने समय के साथ केवल विस्तार ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता और प्रतिष्ठा भी अर्जित की है। नवाचार, सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम, अनुसंधान और शैक्षणिक उत्कृष्टता इसके मूल स्तंभ हैं। यह संस्था छात्रों के करियर और हज़ारों रोगियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में निरंतर सफल रही है।

नेतृत्व का संदेश

इस गौरवशाली क्षण पर, GDC की डीन डॉ. माया इंदुरकर ने अपने भाव व्यक्त किए:

“यह उपलब्धि केवल मेरी नहीं, पूरे GDC परिवार की है। हमारे प्रोफेसर, नर्स, अस्पताल स्टाफ, छात्र और पूर्व छात्र सभी ने एक साथ मिलकर समाज सेवा का संकल्प लिया और इस अभियान को साकार किया। यह विश्व रिकॉर्ड हमारी समूहिक निष्ठा और परिश्रम का प्रतीक है। यह देखकर अत्यंत गर्व होता है कि हमारे प्रयासों को वैश्विक मंच पर सराहा गया है।”

पूर्व छात्रों की सराहना

डॉ. आदित्य पतकराव , GDC के पूर्व छात्र एवं वर्तमान में भारत सरकार के रेलवे मंत्रालय एवं दूरसंचार मंत्रालय में सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं, और नासा के एड्युकेशनल टूर प्रोजेक्ट डायरेक्टर फॉर यू.एस स्पेस एंड रॉकेट सेंटर हंट्सविले अलाबामा ने भी इस अवसर पर महाविद्यालय को बधाई दी:

“इस सम्मान के पीछे 1982 से 2025 तक हर डीन, फैकल्टी और स्टाफ का योगदान है। उन्होंने जो सेवा के बीज बोए थे, आज वही विश्व स्तर की पहचान में परिणत हो गए हैं। यह केवल महाविद्यालय की जीत नहीं है, बल्कि पूरे मराठवाड़ा की शान है।”

London Book of World Records में यह उल्लेख GDC के लिए केवल एक सम्मान नहीं है, बल्कि दंत चिकित्सा क्षेत्र, महाराष्ट्र और भारत के लिए एक गौरवपूर्ण अध्याय है।

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