Jansansar

Day : September 21, 2024

फ़ूड

ग्लोबल वार्मिंग Global Warming ने कश्मीर की केसर की विरासत और किसानों की आजीविका को खतरे में डाल दिया है

Jansansar News Desk
ग्लोबल वार्मिंग Global Warming के प्रभावों के कारण कश्मीर की प्रतिष्ठित केसर की खेती गंभीर खतरे में है, जिससे स्थानीय किसानों की आजीविका और क्षेत्र...
फ़ूड

अमूल AMUL ने तिरूपति प्रसादम के घी पर गलत सूचना फैलाने के खिलाफ दर्ज की एफआईआर

Jansansar News Desk
अमूल AMUL ने तिरूपति प्रसादम में उपयोग किए जाने वाले अपने घी के संबंध में फैल रही गलत जानकारी के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की...
बिज़नेस

हाफले का री-ट्विस्ट डिजिटल लॉक

Jansansar News Desk
दिल्ली , सितम्बर 20: हाफले अपने एकीकृत डिजिटल होम सिक्योरिटी सॉल्यूशंस की रेंज के साथ घर की सुरक्षा के लिए एक नया दृष्टिकोण पेश करता...
एजुकेशन

Toppers की पहली पसंद Vidya Question Bank-2025

Jansansar News Desk
मेरठ, सितम्बर 19 : अनेक विशेषताओं से युक्त सर्वश्रेष्ठ परीक्षा मार्गदर्शक, इसका कोई विकल्प नहीं 100% सफलता के लिए परीक्षार्थी Vidya Question Bank-2025 से करें...
बिज़नेस

हाफले लाइटिंग का स्टैनफोर्ड सीरीज आर्किटेक्चरल लाइट्स

Jansansar News Desk
दिल्ली , सितम्बर 20: हाफले की लूक्स रेंज ने पिछले 10 वर्षों से फर्नीचर में लाइटिंग की मांगों और नेटवर्किंग और डिजिटलीकरण की बढ़ती आवश्यकताओं...
बिज़नेस

हाफले द्वारा टेरेसा कुकरहुड्स

Jansansar News Desk
दिल्ली, सितम्बर 20:  हाफले के प्रीमियम उपकरण वर्ष 2014 से नवीन प्रौद्योगिकियों और व्यापक समाधानों की पेशकश करके अपने दर्शकों की मांगों को पूरा कर...
बिज़नेस

हाफले का सैंक्टस शावर क्यूबिकल

Jansansar News Desk
दिल्ली , सितम्बर 20: शावर क्यूबिकल्स समकालीन बाथरूमों के लिए एक व्यावहारिक और स्टाइलिश समाधान प्रदान करते हैं, एक समर्पित शॉवर क्षेत्र प्रदान करते हैं...
एजुकेशन

बच्चो की आत्महत्या के जिम्मेदार माता पिता या स्कूल कोचिंग ?

Jansansar News Desk
नई दिल्ली, सितम्बर 20: भारत में छात्र आत्महत्या के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। जितने भारत में टॉपर्स निकल रहे हैं, उससे 10 गुना ज्यादा बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं। सिर्फ 10वीं-12वीं या कॉलेज के बच्चों के ही नहीं, बल्कि इससे भी ज्यादा कक्षा 4 से लेकर कक्षा 9 तक के बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं। इसका जिम्मेदार कौन है? माता-पिता, स्कूल या खुद बच्चे? इसी विषय पर हमारी बातचीत BIYZEN Youth Services के डायरेक्टर श्री अमनदीप से हुई।अमनदीप ने इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से समझाया।उन्होंने बताया कि भारत आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, और इस बदलाव के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार के प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। हर इंसान को तनाव का सामना करना पड़ता है, चाहे वह 8 साल का बच्चा हो या 60 साल का वयस्क। पिछले दो दशकों में मानसिक सहनशीलता की कमी के कारण कई बदलाव हुए हैं, जिससे तनाव और आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। BIYZEN Youth Services हजारों बच्चों को आत्महत्या से बचा चुका है और उन्हें अपनी सेवाएं प्रदान कर चुका है। उनकी Stress Reliever Shield बच्चों को तनाव और आत्महत्या से बचाती है, जिससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और जीवन के मूल्यों को समझना आसान हो जाता है। अमनदीप ने बताया कि जब वह किसी मातापिता से बात करते हैं, तो सभी यही कहते हैं कि “हमारे बच्चों को किसी प्रकार का तनाव नहीं है।” लेकिन जब उन्हें यह बताया जाता है कि जिन बच्चों ने आत्महत्या की, उनके माता पिता का भी यही जवाब था, तब उन्हें समझ आता है कि किसी की मानसिक स्थिति को बिना काउंसलिंग के समझा नहीं जा सकता, क्योंकि तनाव बताकर नहीं आता। स्कूलों में इस सेवा को देने पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिलती हैं। अमनदीप ने बताया कि जब वह स्कूलों में जाकर अपनी सेवाएं बच्चों को देने की कोशिश करते हैं, तो कुछ स्कूल इसे मुफ्त में भी बच्चों तक नहीं पहुँचने देते। दुःख की बात तो यह है कि जिन स्कूलों के बच्चे आत्महत्या कर चुके होते हैं, वे भी माता-पिता को दोषी ठहराकर बच्चों तक यह सेवा नहीं पहुँचने देते। कुछ स्कूल इस सेवा का शुल्क बहुत अधिक बताकर मना कर देते हैं, तो कुछ यह कहकर मना करते हैं कि “हमारे बच्चों को इसकी जरूरत नहीं है, बाद में आना।” हालांकि, कई अच्छे स्कूल अपने बच्चों को यह सेवा देने के लिए खुद हमें बुलाते हैं और पूरा सहयोग करते हैं, क्योंकि उनके लिए बच्चों की ज़िंदगी सबसे ज़रूरी होती है। अमनदीप ने बताया कि कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक हर बच्चे को तनाव-राहत काउंसलिंग मिलनी चाहिए, ताकि बच्चों में सकारात्मकता लाई जा सके और जब भी नकारात्मकता या तनाव आए, उसे तुरंत दूर किया जा सके। सिर्फ स्कूल में काउंसलर उपलब्ध होना काफी नहीं है, 24×7 सपोर्ट भी जरूरी है। कई स्कूल और माता-पिता अब इसे समझ रहे हैं, और कई स्कूल व माता-पिता अपने बच्चों को खोने के बाद इसे समझ रहे हैं। BIYZEN Youth...