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Divine Retreat Beyond Stays
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वलसाड के युवा उद्यमी केयूरकुमार जुरैल का संकल्प: भारत की सबसे अफोर्डेबल होटल चैन बिल्वपत्र शुरू की

नई दिल्ली, मार्च 14: साधारण परिवार से निकलकर असाधारण सपनों को हकीकत में बदलने की कहानी आज वलसाड के एक युवा उद्यमी ने लिखी है। क्षत्रिय जाट परिवार में जन्मे इस युवक केयूरकुमारने, जिनके पिता एक पेंटर और माता गृहिणी हैं, अपने परिवार में सबसे पहले उद्यमिता का रास्ता चुना।

आठ वर्षों की सीख, संघर्ष और अनुभव के बाद अब उन्होंने Shivashraya Hotels and Hospitality Ventures Pvt. Ltd. के बैनर तले देश की नई होटल श्रृंखला — बिल्वपत्र (Bilwapatra) की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य है भारत में गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ और किफायती ठहराव को सभी की पहुंच में लाना।

एक सामान्य शुरुआत, असामान्य सोच के साथ
केयूरकुमार जुरैल की यात्रा किसी फिल्म जैसी लगती है — छोटे शहर का लड़का, सीमित साधन, पर असीम इच्छाशक्ति।
बचपन में पिता को दैनिक मेहनत करते देख उन्होंने सिखा कि मेहनत ही असली पूंजी है।
माता के समर्थन ने उन्हें यह भरोसा दिया कि सपनों को साकार करने के लिए परिवार की जड़ों से जुड़े रहना जरूरी है।
अभी कुछ वर्ष पहले तक वे एक शिक्षक और बिजनेस सलाहकार के रूप में काम कर रहे थे, परंतु आत्मविश्वास और दृष्टिकोण ने उन्हें कुछ बड़ा करने की प्रेरणा दी।

तीन साल की मेहनत और हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री में अनुभव के बाद, उनका सपना अब एक स्वरूप ले चुका है — बिल्वपत्र, जो भारतीय सत्कार की आत्मा को आधुनिक आवासीय सुविधा के साथ जोड़ता है।
बिल्वपत्र: भारतीय परंपरा और आधुनिक आतिथ्य का सुंदर संगम

बिल्वपत्र सिर्फ एक होटल ब्रांड नहीं, बल्कि अनुभव का नाम है।
जैसे बिल्वपत्र भगवान शिव को अर्पित किया जाने वाला पवित्र प्रतीक है — शुद्धता, भक्ति और संतुलन का संदेश देने वाला — उसी तरह बिल्वपत्र होटल्स भी यात्रियों को एक पवित्र और संतुलित अनुभव प्रदान करने का वादा करता है।
इसकी टैगलाइन Divine Retreat Beyond Stays ब्रांड के दृष्टिकोण को सटीक रूप से व्यक्त करती है —
यह केवल ठहरने की जगह नहीं, बल्कि शांति, आराम और आत्मिक सुकून का ठिकाना है।
हर होटल में स्वच्छता, सुरक्षा और आराम को मानक बनाया जाएगा, ताकि हर वर्ग का यात्री — चाहे वह छात्र हो, व्यापारी या परिवार — सम्मान और विश्वास के साथ ठहर सके।

किफायती लग्जरी: एक नए भारत के लिए
भारत जैसे विशाल देश में, यात्राएं अब जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी हैं, लेकिन किफायती और भरोसेमंद ठहरने के विकल्प अब भी सीमित हैं।
बिल्वपत्र इस कमी को पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
ब्रांड का लक्ष्य वर्ष 2030 तक देश के 20 से अधिक शहरों और तीर्थस्थलों में 100 से ज्यादा होटल स्थापित करना है, जो “Affordable Comfort with Indian Soul” के सिद्धांत पर चलेंगे।

प्रत्येक प्रॉपर्टी स्थानीय रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगी, जिससे स्थानीय समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके।
संस्थापक की प्रेरणा — परिवार और समाज से जुड़ी जड़ें

संस्थापक केयूरकुमार बताते हैं —
“मेरे पिता के रंगों ने मुझे सिखाया कि सुंदरता मेहनत से बनती है, और मेरी माँ के विश्वास ने जीवनभर ऊर्जा दी। ‘बिल्वपत्र’ उनके आशीर्वाद और मेरी कड़ी मेहनत का परिणाम है।”
वे मानते हैं कि भारत की असली ताकत सामान्य परिवारों के युवा हैं, जो असंभव लगने वाले सपनों को साकार कर सकते हैं।
‘बिल्वपत्र’ उनकी यही सोच जीवित रखता है — अगर सेवा सच्ची है, तो सफलता निश्चित है।
भविष्य की दिशा — विश्वास और विस्तार

‘Shivashraya Hotels and Hospitality Ventures Pvt. Ltd.’ आने वाले वर्षों में देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष ध्यान देगी, जहाँ यात्रियों के लिए गुणवत्तापूर्ण और किफायती होटल विकल्पों की कमी है।
प्रत्येक ‘बिल्वपत्र’ प्रॉपर्टी डिजिटल रूप से सक्षम होगी, जिसमें बुकिंग, पर्यावरण-संतुलन और आधुनिक सुविधाओं का समावेश रहेगा।
कंपनी का विज़न है, भारत के हर शहर में एक ऐसा ठिकाना बनाना जहाँ आराम, आस्था और आत्मीयता एक साथ मिलें।
निष्कर्ष: सपनों की जड़ें मिट्टी में होती हैं

वलसाड के एक सामान्य परिवार से निकले इस युवा ने यह साबित किया है कि सफलता की शुरुआत बड़े संसाधनों से नहीं, बल्कि बड़े विश्वास से होती है।
बिल्वपत्र न केवल एक होटल ब्रांड है — यह भारतीय उद्यमशीलता का नया अध्याय है, जो हमें याद दिलाता है कि सपनों का मूल्य रुपये में नहीं, उनमें लगाए गए विश्वास में होता है।

भारत में किफायती, स्वच्छ और मूल्य-आधारित आतिथ्य का यह नया युग शुरू हो चुका है।
और यह युग शुरू हुआ है उस छोटे शहर के बेटे से, जिसके सपनों की नींव उसकी मिट्टी में और लक्ष्य आसमान में हैं।

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