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Emotional pressure and social pressure:
लाइफस्टाइल

संवेदनात्मक दबाव और सामाजिक दबाव:

पास मेरे एक महिला फॉलोवर का एक प्रश्न आया है…उन्होंने मुझे ये पोस्ट करने को कहा इसलिए मैंने पोस्ट किया हूँ..
उनका प्रश्न कुछ आश्चर्यजनक है… इसलिए मुझे कुछ समझ नहीं आया कि क्या कहूँ…?
अगर आप सबके पास इसका उत्तर हो तो उचित शब्दों में इनका मार्गदर्शन करें…!!
मेरा विवाह 17 अप्रैल 2017 को हुआ… और मेरे पति सरकारी विभाग में क्लर्क हैं..!
परिवार में मेरे पति के दो भाई हैं और मेरी सास हैं, ससुर जी का स्वर्गवास हो चुका है….!
देवर भी अभी बिहार पुलिस में पोस्टेड हैं…
मैं अभी अपने बेटे और पति के साथ में रहती हूँ…!
मेरा बेटा 5 मार्च 2024 को हुआ है, वह पांच महीने का है अभी..
सास अभी देवर के साथ रहती हैं…!
बात उस समय की है जब मेरी शादी के 6 साल हो गए लेकिन मेरा कोई बच्चा नहीं हो रहा था तो घर में झगड़े का माहौल बनने लगा था…!
मेरी सास शादी के एक साल बाद ही बच्चे के लिए दबाव बनाने लगीं थीं और रोज मेरे पति को कहतीं कि किसी अच्छे डॉक्टर से दिखाओ..
मेरे पति कुछ समय तक टालते रहे लेकिन सास के तानों के कारण वे भी परेशान हो गए और हमने इलाज करवाने का निर्णय लिया। रिपोर्ट सब कुछ सामान्य आई, डॉक्टर ने कहा कि थोड़ा समय दीजिए, सब ठीक हो जाएगा, आपको बच्चे अवश्य होंगे…!!
फिर दूसरा साल हो गया और सास का दबाव जारी रहा कि कोई दूसरा डॉक्टर से दिखाओ, तुम लोग सुनते ही नहीं हो…
डेली के तानों से परेशान होकर मेरे पति ने डॉक्टर बदलकर भी देख लिया, लेकिन रिपोर्ट वही आई कि सब कुछ सामान्य है…!!
सास ने मेरे पति से छुपकर झाड़-फूंक करवाना भी शुरू कर दिया, लगभग 50 जगह तो मुझे ले जा चुकीं होंगी…
विवाह के चार साल हो गए लेकिन बच्चा नहीं हुआ। अब सास के मायके वाले, पड़ोसी और सास के जानने वाले सास को भड़काने लगे कि बहू बांझ है, बेटे की दूसरी शादी कर दो…
पहले तो मेरी सास चोरी-छुपे दूसरी शादी की बात करतीं, लेकिन जब पति गुस्सा हो गए, तो उन्होंने यह बात छोड़ दी। कुछ समय बाद मेरी सास मेरे सामने ही दूसरी शादी की बात करने लगीं। मैं सुनकर अचंभित रह गई कि मेरी सास ऐसा भी सोच सकती हैं…
समय बीतता गया, शादी को पांच साल हो गए। एक दिन सास के तानों से परेशान होकर मैंने मायके लौट जाने का फैसला किया। मेरे पति उस समय घर में नहीं थे…
मेरे मायके में मेरे पिताजी नहीं हैं, केवल एक भाई-भाभी और दादी हैं। मैंने झगड़े की बात दादी को बताई। दादी ने समझाया कि पति को छोड़कर नहीं आना चाहिए, लेकिन अगर दूसरी शादी हो गई तो तुम्हारा क्या होगा…
मैंने दादी को डांट दिया और ससुराल वापस आ गई। मेरे पति काम के सिलसिले से बाहर थे और कुछ समय बाद लौटे। सास ने मेरे पति को लगातार दूसरी शादी के लिए परेशान किया, और अंततः पति ने भी हां कह दिया…
उस दिन मैं बहुत रोई। रात भर दादी की बातें मेरे दिमाग में घूमती रहीं और मुझे समझ नहीं आया कि क्या करूँ, कैसे दूसरी शादी को रोकूँ…
रात लगभग 11 बजे मैं रो रही थी, तभी मेरे देवर आए, जो बिहार पुलिस की ट्रेनिंग पूरी करके लौटे थे। वे सास के पास गए और मेरे पास भी आए। मुझे खाना खिला कर वे भी सो गए…
अगले दिन सास मायके चली गईं अपने बेटे के लिए लड़की देखने। घर में मैं और मेरे देवर ही रह गए थे। मैं बहुत दुखी थी और मैंने देवर को सब कुछ बता दिया। देवर ने मेरी स्थिति को समझा और मुझे समझाया…
संयोगवश, सास मायके में लड़की देखने गईं तो बैल ने उन्हें पटक दिया, जिससे उनका एक पैर टूट गया। सास यहाँ नहीं आ सकीं और घर में केवल मैं और मेरे देवर रह गए।
मैंने देवर से कहा कि मुझे बच्चा चाहिए, चाहे जैसे भी हो। देवर ने मना किया, लेकिन मैं नहीं मानी। अंततः मैं और देवर शारीरिक संबंध बनाते रहे और कुछ दिनों बाद मुझे पता चला कि मैं प्रेग्नेंट हूँ…
देवर ने तुरंत सास को सूचित किया और सास बहुत खुश हो गईं। मैंने अपने पति को भी सूचित किया।
मेरे देवर मुझे मेरे पति के पास छोड़कर पटना चले गए और मैं अपने पति के पास मुंबई रहने लगी। 9 महीने बाद मेरे बेटे का जन्म हुआ। सास और पति बहुत खुश हैं…
मैं आज अपने बेटे और पति के साथ मुंबई, महाराष्ट्र में हूँ। देवर बिहार पुलिस में पटना में ही हैं और सास उनके साथ रहती हैं। अगले साल उनके विवाह की योजना भी बन रही है…
मगर मेरे मन में एक सवाल आज भी है कि क्या मैंने सही किया या गलत किया…? क्या मुझे ऐसा करना चाहिए था…?

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