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अजय चौधरी, अमन पब्लिसिटी सर्विसेज़ के संस्थापक, शहरी डिजिटल विज्ञापन क्षेत्र में नवाचार और आम लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देने वाले एक प्रेरणादायक उद्यमी हैं।
बिज़नेस

वसई-विरार में डिजिटल क्रांति की शुरुआत: अमन पब्लिसिटी सर्विसेज़ ने शुरू किया नया निवेश मॉडल

यह योजना केवल एक व्यावसायिक मॉडल नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को स्मार्ट सिटी के डिजिटल विकास में भागीदार बनाने की एक पहल है। अजय चौधरी का मानना है कि ‘डिजिटल इंडिया’ तभी सफल होगा जब आम जनता उसमें सक्रिय रूप से शामिल हो। उनका उद्देश्य है कि हर निवेशक महसूस करे कि वह अपने शहर के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का मालिक और सहयोगी है।

मुंबई (महाराष्ट्र), जून 9: भारत में डिजिटल प्रगति और शहरी विज्ञापन के बढ़ते प्रभाव के बीच, एक नई और अनोखी योजना ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अमन पब्लिसिटी सर्विसेज़, जिसने वर्षों से महाराष्ट्र में विज्ञापन और जनसंपर्क के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बनाई है, अब एक नए कदम के साथ सामने आई है।

कंपनी के संस्थापक अजय चौधरी और उनकी टीम ने निक्सर मीडियावाले (DSA of The Times Group) के सौजन्य से वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र में एक विशेष डिजिटल आउटडोर होर्डिंग निवेश मॉडल शुरू किया है। यह योजना खास तौर पर उन लोगों के लिए तैयार की गई है जो सुरक्षित, पारदर्शी और दीर्घकालिक आमदनी का साधन ढूंढ रहे हैं।

देश डिजिटल हो रहा है। हर गली, हर चौराहे पर आज विज्ञापन की होड़ है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन चमकते डिजिटल होर्डिंग्स का मालिक कौन होता है ? क्या आम लोग भी इनसे कमाई कर सकते हैं ?

अजय चौधरी, जिन्होंने अमन पब्लिसिटी की नींव 2000 में रखी थी, कहते हैं:
“हमने देखा कि शहरी इलाकों में डिजिटल विज्ञापन का बाजार तेज़ी से बढ़ रहा है। लेकिन इसका फायदा सिर्फ बड़ी कंपनियों और एजेंसियों को मिल रहा था। हमने सोचा, क्यों न आम नागरिक को इसका हिस्सा बनाया जाए ? इसी सोच से यह निवेश मॉडल तैयार हुआ।”

यह योजना वसई-विरार के प्रमुख क्षेत्रों में 100 से 500 डिजिटल होर्डिंग्स लगाने की है। हर होर्डिंग 10×20 फीट का होगा और इन्हें मुख्य बाज़ारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, कॉलेजों और शॉपिंग मॉल्स के पास स्थापित किया जाएगा।

मुख्य लाभ:
• प्रत्येक निवेशक को एक डिजिटल होर्डिंग का मालिकाना हक मिलेगा।
• हर महीने ₹25,000 की पक्की कमाई (₹25 लाख निवेश पर)।
• निवेश की अवधि 5 साल होगी।
• 5 साल बाद पूरी राशि की वापसी या फिर निवेश बढ़ाने का विकल्प मिलेगा।
• बड़े निवेशकों के लिए ₹50 लाख, ₹75 लाख और ₹1 करोड़ के विकल्प भी उपलब्ध हैं।
इस योजना को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि निवेशक को हर महीने फिक्स्ड रिटर्न मिल सके, साथ ही विज्ञापन से होने वाली अतिरिक्त कमाई से भी लाभ मिले।
यह योजना पूरी तरह से कानूनी सुरक्षा और पारदर्शी सिस्टम के तहत संचालित की जा रही है। हर निवेशक को निम्नलिखित दस्तावेज़ दिए जाएंगे:
• संपत्ति स्वामित्व संबंधी दस्तावेज़। निवेश अनुबंध। भुगतान शेड्यूल। बायबैक विकल्प। GST और TDS सहित टैक्स अनुपालन की व्यवस्था।
भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए पूरी प्रक्रिया कंपनी के लीगल और फाइनेंशियल कंसल्टेंट्स की निगरानी में पूरी की जाती है।

अजय चौधरी कहते हैं:
“यह सिर्फ एक कमर्शियल योजना नहीं है। हमारा उद्देश्य है आम नागरिकों को स्मार्ट सिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर में सीधा हिस्सा देना। जब हर कोई कहता है ‘डिजिटल इंडिया’, तो उसमें आम जनता की भागीदारी भी जरूरी है। हम चाहते हैं कि हर निवेशक महसूस करे कि वह अपने शहर के डिजिटल विकास में एक भागीदार है।”
वसई-विरार, जो अब मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) का हिस्सा है, एक तेजी से विकसित होता शहरी क्षेत्र है। यहां की जनसंख्या घनत्व, व्यावसायिक गतिविधियां, परिवहन संपर्क और युवाओं की संख्या इस योजना को सफल बनाने के लिए आदर्श माहौल प्रदान करती हैं।
यह क्षेत्र न केवल व्यवसाय के लिए तैयार है, बल्कि यहां के नागरिक भी डिजिटल अवसंरचना और आधुनिकता को सहजता से अपना रहे हैं। हर होर्डिंग में 12 अलग-अलग ब्रांड्स को विज्ञापन दिखाने के लिए स्लॉट मिलेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि विज्ञापनदाता बदलते रहें और आमदनी लगातार बनी रहे। यह एक मल्टी-सोर्स रेवेन्यू मॉडल है, जो निवेशक के लिए स्थिरता और लाभदायक स्थिति बनाए रखता है।
यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए है जो अपने धन को सुरक्षित, निष्क्रिय और नियमित रिटर्न देने वाले विकल्प में लगाना चाहते हैं:
• सेवानिवृत्त लोग। नौकरीपेशा लोग। कारोबारी। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर। उच्च नेटवर्थ व्यक्ति (HNIs)। इस मॉडल की खास बात यह है कि यह जोखिम से काफी हद तक सुरक्षित है क्योंकि यह रीयल एसेट आधारित निवेश है।
पहले चरण के 50 होर्डिंग्स के लिए कंपनी ने अनुमानित कुल लाभ ₹35.3 करोड़ रखा है (5 वर्षों में)।
मासिक भुगतान की कुल ज़िम्मेदारी ₹22.2 लाख होगी, जो विज्ञापन से प्राप्त आमदनी से आसानी से कवर हो जाएगी।
अतिरिक्त लाभ को रिज़र्व फंड, विस्तार योजनाओं और फिर से निवेश के लिए उपयोग किया जाएगा।
कैसे शुरू करें निवेश ?
1. ₹5 लाख की बुकिंग फीस के साथ आवेदन करें। दस्तावेज़ सत्यापन और होर्डिंग का आवंटन किया जाएगा। बाकी राशि का भुगतान होर्डिंग इंस्टाल होने से पहले किया जाएगा। निवेश शुरू होने के साथ ही मासिक आय मिलना शुरू हो जाएगी।
अजय चौधरी बताते हैं कि यह योजना वसई-विरार में सफलता के बाद ठाणे, मुंबई, नवी मुंबई, कल्याण और पुणे जैसे शहरों में भी शुरू की जाएगी। उनके अनुसार:
“हम एक ऐसा नेटवर्क तैयार करना चाहते हैं जिसमें हर शहर के नागरिक स्थानीय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के मालिक बनें। आने वाला समय ऐसे ही स्मार्ट निवेशों का है।”
भारत जैसे देश में, जहाँ आम आदमी को सुरक्षित निवेश के विकल्प कम मिलते हैं, वहाँ यह योजना एक नई आशा लेकर आई है। अमन पब्लिसिटी की यह पहल एक ऐसा मंच प्रदान कर रही है, जहाँ डिजिटल अवसंरचना, स्थिर आमदनी और कानूनी सुरक्षा – तीनों चीजें एक साथ मिलती हैं।

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