Jansansar
एजुकेशन

पारुल यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता छात्रों ने दिल्ली के प्रमुख न्यूज़रूम का किया दौरा

वडोदरा (गुजरात) [भारत], 16 सितंबर: वडोदरा स्थित पारुल यूनिवर्सिटी के पत्रकारिता एवं जनसंचार के छात्रों ने छह दिवसीय दिल्ली मीडिया लीडरशिप टूर में इंडिया टीवी, एनडीटीवी, न्यूज़18, टीवी9, रिपब्लिक, प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान टाइम्स और इंडिया टुडे नेटवर्क जैसे संस्थानों का दौरा किया और वरिष्ठ पत्रकारों से संवाद किया।

छह दिन, देश के बड़े न्यूज़रूम

दौरे की शुरुआत पहले दिन इंडिया गेट पर एक व्यावहारिक अभ्यास से हुई, जहाँ छात्रों को दस मिनट की तैयारी के साथ कैमरे के सामने 60 सेकंड की लाइव रिपोर्टिंग (पीस टू कैमरा) करनी थी। इसके बाद छात्रों ने न्यूज़18, टीवी9 और रिपब्लिक के न्यूज़रूम में लाइव प्रसारण, प्रोडक्शन कंट्रोल रूम और समाचार सत्यापन की प्रक्रिया को नज़दीक से देखा।

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया में सत्यापन का पाठ

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया में एडिटर शुजा उल हक ने छात्रों को एजेंसी के तीन-स्रोत सत्यापन नियम की जानकारी दी और बताया कि पीटीआई देश के लगभग 90 प्रतिशत अख़बार बाज़ार को सामग्री उपलब्ध कराती है तथा प्रतिदिन एक हज़ार से अधिक टेक्स्ट स्टोरी और करीब 400 लाइव फीड तैयार करती है। हिन्दुस्तान टाइम्स में छात्रों ने अख़बार की छपाई की तकनीकी प्रक्रिया देखी, जहाँ प्रेस प्रति घंटे 90,000 प्रतियों तक छपाई करता है।

राजत शर्मा और वरिष्ठ पत्रकारों की सलाह

इंडिया टीवी के चेयरमैन राजत शर्मा ने छात्रों के साथ करीब दो घंटे बिताए और पत्रकारिता के “फ्री, फेयर एंड फियरलेस” सिद्धांत तथा विश्वसनीयता के महत्व पर बात की। एनडीटीवी की पद्मजा जोशी और इंडिया टुडे नेटवर्क के राजदीप सरदेसाई सहित कई वरिष्ठ पत्रकारों ने विशेषज्ञता विकसित करने, नियमित अख़बार पढ़ने और एंकर से पहले एक अच्छा पत्रकार बनने पर ज़ोर दिया।

लाइव प्रसारण और खबर के पीछे की टीमें

छात्रों ने समझा कि एक सहज दिखने वाले बुलेटिन के पीछे कई टीमें एक साथ काम करती हैं, जिनमें असाइनमेंट डेस्क, इनपुट-आउटपुट, ग्राफिक्स, साउंड और तकनीकी विभाग शामिल हैं। रिपब्लिक के नोएडा कैंपस में उन्होंने क्रोमा स्टूडियो और एआर-वीआर तकनीक देखी, जबकि न्यूज़18 और टीवी9 में पीसीआर तथा एमसीआर की कार्यप्रणाली समझी।
वरिष्ठ पत्रकारों ने छात्रों को यह भी समझाया कि सटीकता गति से अधिक महत्वपूर्ण है, और सोशल मीडिया पर अपुष्ट सूचनाओं के इस दौर में सत्यापित पत्रकारिता पहले से कहीं अधिक ज़रूरी हो गई है।

पारुल यूनिवर्सिटी का पत्रकारिता कार्यक्रम

छह दिनों के इस अनुभव में छात्रों ने रिपोर्टिंग, मीडिया एथिक्स, ब्रॉडकास्ट और डिजिटल पत्रकारिता की व्यावहारिक समझ हासिल की। दौरे का पूरा विवरण पारुल यूनिवर्सिटी के आधिकारिक ब्लॉग पर उपलब्ध है, और पत्रकारिता में करियर से जुड़ी जानकारी विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक कार्यक्रम के पेज पर देखी जा सकती है।

Related posts

पारूल विश्वविद्यालय और गोवा स्वास्थ्य सेवा संचालनालय ने फिजिओथेरपी केंद्र शुरू किए   

Ravi Jekar

स्टैनफोर्ड-एल्सेवियर रैंकिंग 2026 में पारुल विश्वविद्यालय के 8 शोधकर्ता शामिल

Jansansar News Desk

पारूल विश्वविद्यालय में डिप्लोमॅटस इन डायलॉग 3.0 के द्वारा वैश्विक सहयोग की पहल

Jansansar News Desk

पारूल विश्वविद्यालय, गोवा में परंपरा और एकजुटता के साथ मनाया गया सांस्कृतिक नवरात्रि उत्सव

Jansansar News Desk

पारूल विश्वविद्यालय को THE वर्ल्ड युनिवर्सिटी रैंकिंग्ज 2027 में स्थान, गुजरात का एकमात्र विवि

Jansansar News Desk

पारूल विश्वविद्यालय ने वर्बल ड्युएल 2026 राज्य स्तरीय अंतर-विश्वविद्यालय चर्चा का आयोजन किया

Jansansar News Desk

Leave a Comment