Jansansar
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान का धार्मिक और सामाजिक योगदान
धर्म

महाकुंभ मेले में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की अनोखी पहल

प्रयागराज के महाकुंभ मेले में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान ने एक अनोखी पहल की है, जिसमें श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश दिया जा रहा है। यह शिविर देश भर से आए श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष स्थल बन चुका है, जहां वे विभिन्न भाषाओं में आध्यात्मिक साक्षात्कार कर सकते हैं। संस्थान के सदस्य बताते हैं कि वे चाहते हैं कि भाषा की बाधा श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक ज्ञान के आड़े न आए, इसलिए शिविर में हिंदी, अंग्रेजी, और अन्य भारतीय भाषाओं में भी अध्यात्म की शिक्षा दी जा रही है।

इस शिविर में नौ एकड़ का विशाल क्षेत्र पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल सामग्री से तैयार किया गया है। विशेष रूप से एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक का उपयोग यहां बिलकुल भी नहीं किया गया है। शिविर में लगाए गए विभिन्न सत्रों में श्रद्धालु न केवल आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि उन्हें यह भी सिखाया जा रहा है कि हमें पर्यावरण की रक्षा के लिए किन-किन उपायों को अपनाना चाहिए। साथ ही, यह शिविर एक बेहतरीन उदाहरण है, जहां साधु-संत मिलकर प्रकृति की सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं।

संस्थान का यह प्रयास ना केवल धार्मिक और आध्यात्मिक सीख प्रदान कर रहा है, बल्कि यह भी समझा रहा है कि हमें अपने आसपास के पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए अपने दैनिक जीवन में बदलाव लाने की जरूरत है। श्रद्धालु इस शिविर से न केवल अध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि यह भी सीख रहे हैं कि हमें अपने पर्यावरण को कैसे बचाना है। ऐसे आयोजनों से लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और वे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।

Related posts

लोक जनशक्ति पार्टी–रामविलास (कि. प्रकोष्ठ) गुजरात प्रदेश कार्यकारिणी में अहम नियुक्तियाँ

Jansansar News Desk

मुंबई के गोरेगांव में भव्य श्री राम कथा व कलश यात्रा, 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता

Ravi Jekar

आचार्य सुधांशु जी महाराज ने डॉ. अभिषेक वर्मा को प्रदान की ‘गौ रक्षक’ की उपाधि

Ravi Jekar

मानस रामरक्षा।। “दिन-९” दिनांक-१७अगस्त कथा क्रमांक-९६१

Ravi Jekar

कल्याण में “आध्यात्म रत्न सम्मान” में डॉ. वैदेही तामण ने संतों और सेवकों को सम्मानित किया।

Ravi Jekar

स्वच्छता, पवित्रता, प्रसन्नता, स्वतंत्रता और असंगता, यही सच्चे साधु के पंचतत्व हैं: मोरारी बापू

Ravi Jekar

Leave a Comment