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‘‘सांझी विरासत, सांझा प्रयास, सांझा उद्देश्य’’ के साथ संत छोटे जी फाउण्डेशन की हुई स्थापना

नई दिल्ली, अप्रैल 7: संत छोटे जी महाराज की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत उनके परिवार और अनुयायियों के अथक प्रयासों से पुष्पित-पल्लवित होती रही है, जो हम सभी के सांझे आध्यात्मिक डीएनए का प्रतीक है। अब, गुरु जी की प्रेरणा और ईश्वरीय आशीर्वाद से, हम सभी एकजुट होकर उनकी इस अनमोल धरोहर को संजोने, संरक्षित करने और विश्वभर में फैलाने के पवित्र संकल्प के साथ संत छोटे जी फाउंडेशन की स्थापना कर रहे हैं।

संत छोटे जी महाराज की दिव्य शिक्षाओं, सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक धरोहर को संजोने एवं विश्वभर में फैलाने के उद्देश्य से ‘संत छोटे जी फाउंडेशन’ की स्थापना का यह एक ऐतिहासिक एवं भावनात्मक क्षण बन गई। यह फाउंडेशन, गुरू जी के आध्यात्मिक मूल्यों और संस्कारों को आगे बढ़ाने का साझा मंच है, जो संत छोटे जी महाराज ने अपने जीवन भर में साधना, सेवा और सृजन के माध्यम से समाज को प्रदान किया है।

गुरु परंपरा की गौरवशाली कड़ी को आगे बढ़ाते हुए फाउंडेशन के अध्यक्ष आचार्य रामकुमार कपूरिया ने बताया कि परम पूज्य संत छोटे जी महाराज, परम् पूज्य देवराहा बाबा के परम स्नेही एवं संत राम भद्राचार्य, श्री परमादर्शी महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी गोविंदानंद गिरि महाराज जी, पद्मश्री राजेश्वर आचार्य के गुरु रहे हैं। उन्होंने अपने तपोबल, सद्ज्ञान और लोककल्याणकारी कार्यों से एक ऐसी परंपरा को जन्म दिया, जो आज भी करोड़ों लोगों के जीवन को दिशा देती है। गुरुजी की तपोभूमि सिद्धाश्रम न केवल साधना का केंद्र रही है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक चेतना का भी तीर्थस्थल रहा है। यहां शहनाई सम्राट भारतरत्न उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ान, महान संगीतकार पद्मभूषण गोदयी महाराज और बनारस घराने की प्रसिद्ध गायिका पद्मभूषण गिरिजा देवी जैसी श्रीकृतियों ने आत्मिक ऊर्जा प्राप्त की। समय-समय पर पूर्व राज्यपाल पं0विष्णुकान्त शास्त्री, पूर्व रेल मंत्री ललित नरायण मिश्रा, थाइलैण्ड के राजगुरू, माता आनन्दमयी जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने भी इस आश्रम में आकर आध्यात्मिक प्रेरणा प्राप्त की।

• परम् पूज्य देवरहा बाबा के परम स्नेही एवं संत राम भद्राचार्य के गुरू है संत छोटे जी महाराज : आचार्य रामकुमार कपूरिया
• गुरू जी के अनमोल धरोहर को संजोने, संरक्षित करने और विश्वभर में फैलाने के पवित्र संकल्प के लिए हुई ‘‘संत छोटे जी फाउण्डेशन’’ की स्थापना : विशम्भर उपाध्याय

फाउंडेशन के सचिव विश्वंभर उपाध्याय ने बताया कि गुरुजी के अनुयायियों, परिवारजनों और सत्संग परिवार के बीच एक भावनात्मक एवं आध्यात्मिक संकल्प के रूप में यह फाउंडेशन प्रारंभ किया गया है। इसका उद्देश्य गुरुजी के सत्संग, शिक्षाओं और सांस्कृतिक मूल्यों को डिजिटल माध्यम से सुरक्षित करना, युवा पीढ़ी तक पहुंचाना और दुनिया के कोने-कोने में सिद्धाश्रम की अनुभूति कराना है।

फाउंडेशन के उपाध्यक्ष डा.किरण जेटली ने बताया कि ‘संत छोटे जी फाउंडेशन’ गुरुजी द्वारा रचित समस्त भजन, पांडुलिपियाँ, आध्यात्मिक ग्रंथ एवं संगीत को संरक्षित एवं डिजिटाइज करने की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। यह फाउंडेशन एक ऐसा पुल बनेगा, जो गुरुजी की शिक्षाओं को वैश्विक आध्यात्मिक समुदाय से जोड़ने का कार्य करेगा। उन्होने कहा कि यह यात्रा केवल संस्था की शुरुआत नहीं है, बल्कि एक पवित्र यज्ञ है, जिसमें भक्ति की आहुति, सेवा का समर्पण, ज्ञान की लौ और संस्कृति की परंपरा शामिल है। हम सभी इस आध्यात्मिक यात्रा के पथिक बनकर एक नई चेतना को जन्म दे रहे हैं।

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