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नवाचार की मिसाल: ‘चेंज मेकर’ IAS हरि चंदना को भारत की पहली व्हाट्सऐप शिकायत व्यवस्था के लिए सम्मान

हैदराबाद (तेलंगाना) [भारत], 29 दिसंबर: डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि के तहत हैदराबाद की जिला कलेक्टर हरि चंदना को हाल ही में डिप्टी मुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने प्रजा भवन में सम्मानित किया। यह सम्मान तेलंगाना में जनता की शिकायतों का सबसे बेहतर समाधान करने वाले जिले के लिए दिया गया। इस सफलता के पीछे उनकी अनोखी पहल रही—भारत की पहली व्हाट्सऐप आधारित शिकायत निवारण प्रणाली।

एक नई पहल: व्हाट्सऐप प्रजावाणी

अब तक सीएम प्रजावाणी और कलेक्टर प्रजावाणी जैसे पारंपरिक प्लेटफॉर्म इस्तेमाल होते थे। लेकिन हरि चंदना ने समझा कि बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए दफ्तर तक आना या तकनीकी प्रक्रिया समझना आसान नहीं होता। इसी समस्या को हल करने के लिए उन्होंने व्हाट्सऐप प्रजावाणी (74166 87878) की शुरुआत की।

इसके जरिए हैदराबाद देश का पहला जिला बना, जहां सरकारी शिकायतें सीधे व्हाट्सऐप पर ली जाने लगीं। अब लोग घर बैठे ही अपनी शिकायत और जरूरी दस्तावेज भेज सकते हैं, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है।

आसान पहुंच से बढ़ी लोगों की भागीदारी

इस पहल का असर तुरंत दिखा। सरकार अब सच में “एक मैसेज की दूरी” पर आ गई। बड़ी संख्या में लोगों ने इस सुविधा का इस्तेमाल करना शुरू किया, खासकर वे लोग जो पहले प्रक्रिया को मुश्किल मानते थे।

इतनी ज्यादा शिकायतें आने के बावजूद सिस्टम बहुत प्रभावी रहा। हर शिकायत डिजिटल सिस्टम में दर्ज होती है, उसे एक यूनिक ट्रैकिंग नंबर मिलता है और कार्रवाई की जानकारी (ATR) सीधे नागरिक के फोन पर भेजी जाती है। इससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों बढ़े हैं।

‘चेंज मेकर’ की पहचान

यह सम्मान हरि चंदना के लिए पहला नहीं है। उनके करियर में कई ऐसी पहलें हैं जो देश में पहली बार शुरू हुईं। उन्होंने कलेक्टरेट में भारत का पहला QR कोड आधारित फीडबैक सिस्टम शुरू किया, जिससे कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ी।
उन्होंने सीनियर साथी कार्यक्रम की भी शुरुआत की, जो अकेले रहने वाले बुजुर्गों को सहारा और साथ देता है। इसके अलावा गाचीबोवली में भारत का पहला पेट पार्क और ग्रामीण कारीगरों के लिए आरुण्य ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म भी उनकी ही देन है।
लगातार नई सोच और आसान समाधान लाने की उनकी कार्यशैली ने उन्हें लोगों के दिलों में खास जगह दिलाई है। इसी वजह से लोग उन्हें प्यार से “द चेंज मेकर IAS ऑफिसर” कहते हैं।

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