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अहमदाबाद में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन: वीएस अस्पताल के पुनर्नवीनीकरण की मांग, भाजपा पर गंभीर आरोप
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अहमदाबाद में कांग्रेस का प्रदर्शन: वीएस अस्पताल के पुनर्नवीनीकरण की मांग, भाजपा पर लगाए गए गंभीर आरोप

अहमदाबाद, 11 दिसंबर: कांग्रेस ने आज अहमदाबाद के प्रतिष्ठित वाडीलाल साराभाई (वीएस) अस्पताल को फिर से खोलने की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ता और नेता, गुलाब के फूलों और तख्तियों के साथ “गेट वेल सून” और “सेव वीएस हॉस्पिटल” के बैनर के साथ सड़क पर उतरे। उनका मुख्य उद्देश्य इस 90 साल पुराने अस्पताल को नवीनीकरण के बाद पुनः शुरू करना था, ताकि यह फिर से गरीबों और जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सके।

कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि अहमदाबाद नगर निगम (AMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जानबूझकर इस अस्पताल को बंद किया और इसके स्थान पर एसवीपी अस्पताल का निर्माण किया, जो एक निजी अस्पताल की तरह संचालित हो रहा है। उनका कहना था कि वीएस अस्पताल कभी गरीबों के लिए एक वरदान था, लेकिन भाजपा की नीतियों के कारण अब यह बंद पड़ा हुआ है।

बजट आवंटन के बावजूद ठप पड़ा निर्माण कार्य

कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि हर साल वीएस अस्पताल के पुनर्नवीनीकरण के लिए करोड़ों रुपये का बजट आवंटित किया गया, लेकिन बीते चार सालों में इस पर कोई भी काम नहीं किया गया। शहजाद खान पठान, एएमसी के विपक्षी नेता, ने कहा, “720 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पिछले चार वर्षों में आवंटित किया गया, लेकिन आज तक अस्पताल के जीर्णोद्धार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।” कांग्रेस का कहना है कि इस लंबी अवधि में अस्पताल के केवल 200 बिस्तरों और कुछ विभागों का ही रखरखाव किया गया है, जबकि बाकी हिस्सों में कोई काम नहीं हुआ।

गरीबों के लिए सेवा, भाजपा के लिए उपेक्षा

कांग्रेस के विधायक इमरान खेड़ावाला ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार और नगर निगम की नीतियां गरीबों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा, “जब से भाजपा ने सत्ता संभाली है, वीएस अस्पताल जैसी संस्थाओं को उपेक्षित किया गया है। यह अस्पताल गरीबों और मध्यवर्गीय लोगों के लिए एक भरोसेमंद केंद्र था, जिसे अब भाजपा ने अपनी निजीकरण की नीति के तहत बंद कर दिया है।”

कांग्रेस ने यह भी कहा कि इस अस्पताल के बंद होने से न सिर्फ गरीबों को नुकसान हुआ है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी खत्म हो गया है। पार्टी ने मांग की कि भाजपा सरकार तत्काल वीएस अस्पताल का पुनर्नवीनीकरण करे और इसे सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के साथ फिर से खोले।

पार्टी ने उठाया राजनीतिक आरोप

कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वे जानबूझकर इस अस्पताल को बंद करके उसकी जगह एसवीपी अस्पताल जैसे निजी अस्पताल को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका कहना है कि गरीबों और आम जनता के लिए बने अस्पतालों को नष्ट करके भाजपा निजी अस्पतालों का प्रचार कर रही है।

विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “मोहब्बत की दुकान” के नाम पर इस अस्पताल के पुनर्नवीनीकरण की मांग की, जिसका संकेत था कि यह अस्पताल पहले मोहब्बत और सेवा का प्रतीक था, जिसे अब उपेक्षित किया जा रहा है।

क्या यह आंदोलन भाजपा के लिए चुनौती बनेगा?

वीएस अस्पताल को फिर से खोलने के कांग्रेस के इस आंदोलन ने न केवल भाजपा बल्कि आम जनता के बीच भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अगर कांग्रेस की मांग को नजरअंदाज किया गया तो यह आने वाले समय में भाजपा के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

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