Jansansar
Cow - the true companion and pride of the world
प्रादेशिक

गाय – जगत का सच्चा साथी और गर्व

जगत ने अजब गर्व से अपनी गाय को देखा। वह अधिक उम्र का था, परन्तु उसकी गाय के बिना वह अपने गांव के घर नहीं लौट सकता था। उसकी गाय उसके लिए न केवल एक पालतू पशु थी, बल्कि एक सच्चा साथी भी। जब उसने गाय को देखा, उसकी आंखों में खुशी के आंसू आ गए।

थोड़ी देर पहले, जगत ने अपनी गाय को लेकर बाजार गया था, पर रास्ते में एक हादसा हो गया। उसे पैसों की भी जरुरत थी, लेकिन सबसे बड़ी जरुरत थी उसकी गाय की। वह अपनी गाय के बिना गर्व से घर नहीं जा सकता था। गाय उसके लिए वह बंधन थी, जो उसे अपने गांव के साथ-साथ बांधता था।

जब उसने अंततः अपनी गाय को देखा, तो उसका दिल खुशी से भर गया। उसने सोचा, अपने मुसीबतों के बावजूद, उसकी गाय ने उसे अपने घर लौटने की सामर्थ्य दी। उसकी गाय ने उसे एक नई ऊर्जा दी, उसकी आत्मा को संबल दी। उस दिन से, जगत ने अपनी गाय के साथ एक नई बँधन महसूस किया, जो कभी नहीं टूटेगा।

Related posts

राष्ट्रकथा में पवन सिंह का भजन, ब्रिजभूषण शरण सिंह के मार्गदर्शन में 4 जनवरी 2026 उत्सव

Ravi Jekar

डिजिटल गवर्नेंस में नई पहल: IAS हरि चंदना को व्हाट्सऐप आधारित शिकायत प्रणाली के लिए सम्मान

Ravi Jekar

“भारत का गौरव सम्मान” से सम्मानित हुए डॉ. दिव्यांशु पटेल

Ravi Jekar

शब्दों में ठहराव और अर्थ: नीलम सक्सेना चंद्रा की रचनात्मक यात्रा

Ravi Jekar

हैदराबाद ज़िले में सार्वजनिक सेवा दक्षता बढ़ाने के लिए क्यूआर कोड फीडबैक प्रणाली की शुरुआत

Ravi Jekar

खरवार परिवार का वार्षिक मिलन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न

Ravi Jekar

Leave a Comment