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सांस्कृतिक विरासत का सम्मान: वेदांता एल्युमिनियम ने परब 2025 का भव्य उद्घाटन किया

भुवनेश्वर (ओडिशा), दिसंबर 22: वेदांता एल्युमिनियम, भारत का सबसे बड़ा एल्युमिनियम उत्पादक, कोरापुट के प्रतिष्ठित सांस्कृतिक महोत्सव परब 2025 के 28वें संस्करण के उत्सव में शामिल हुआ। यह महोत्सव क्षेत्र की जीवंत परंपराओं, स्वदेशी कला रूपों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देता है। पाँच दिवसीय यह आदिवासी उत्सव समुदायों, कलाकारों और उद्योगों को एक मंच पर लाकर दक्षिणी ओडिशा की कालजयी सांस्कृतिक धरोहर का उत्सव मनाता है।

परब 2025 के उद्घाटन दिवस पर, वेदांता एल्युमिनियम ने अपना विशेष स्टॉल प्रस्तुत किया, जिसमें कंपनी की सामुदायिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाया गया। इस स्टॉल का उद्घाटन ओडिशा सरकार के आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ. कृष्ण चंद्र महापात्र द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री रामचंद्र कदम (विधायक–पोट्टांगी), श्री रघुराम मच्छा (विधायक–कोरापुट), श्री पबित्रा सौंता (विधायक–लक्ष्मीपुर), श्री रूपु भत्रा (विधायक–कोटपाड), श्रीमती सस्मिता मेलेका (ज़िला परिषद सदस्य, कोरापुट) तथा श्री मनोज सत्यवान महाजन (कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, कोरापुट) की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी गणमान्य अतिथियों ने इस महोत्सव की सराहना की, जो आदिवासी संस्कृति को सामने लाने के साथ-साथ क्षेत्र की समावेशी और सतत विकास की यात्रा को भी दर्शाता है।

वेदांता एल्युमिनियम के बूथ ने आगंतुकों को कंपनी की सामुदायिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़ी पहलों की एक विशेष झलक दिखाई। इसका प्रमुख आकर्षण प्रोजेक्ट आदिकला रहा, जो लांजीगढ़ यूनिट में संचालित कंपनी का एक कार्यक्रम है और सौरा पेंटिंग तथा ढोकरा मेटल क्राफ्ट जैसी प्राचीन स्वदेशी कला शैलियों को पुनर्जीवित करने के लिए समर्पित है। प्रोजेक्ट आदिकला के माध्यम से कंपनी ने 200 से अधिक ग्रामीण परिवारों को सतत आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए हैं, साथ ही सदियों पुरानी कलात्मक परंपराओं का संरक्षण भी किया है।

इस अवसर पर वेदांता एल्युमिना बिज़नेस के सीईओ श्री प्रणब कुमार भट्टाचार्य ने कहा,
“परब जीवंत परंपराओं और सामुदायिक गर्व का उत्सव है। वेदांता एल्युमिनियम में हमारा मानना है कि विकास को सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ आगे बढ़ना चाहिए। प्रोजेक्ट आदिकला जैसी पहलों के माध्यम से हम न केवल भारत की प्राचीन कला शैलियों को पुनर्जीवित कर रहे हैं, बल्कि ग्रामीण समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर भी पैदा कर रहे हैं। परब 2025 में हमारी भागीदारी स्थानीय संस्कृति से जुड़े समावेशी विकास के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”

परब के साथ वेदांता एल्युमिनियम का जुड़ाव ओडिशा के समुदायों के साथ उसकी लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को दर्शाता है, जहाँ सांस्कृतिक संरक्षण, आजीविका सृजन, शिक्षा, खेल और महिला सशक्तिकरण उसके सामाजिक प्रभाव प्रयासों के केंद्र में हैं। विरासत और विकास को एक साथ जोड़ते हुए, वेदांता एल्युमिनियम विकास के ऐसे मॉडल को आगे बढ़ा रहा है जो सतत, समावेशी और क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है।

वेदांता एल्युमिनियम व्यापार के बारे में

वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता लिमिटेड का एक व्यवसाय, भारत का सबसे बड़ा एल्युमिनियम उत्पादक है, जो वित्त वर्ष 2025 में 2.42 मिलियन टन से अधिक एल्युमिनियम का उत्पादन करता है (यह भारत के एल्युमिनियम का आधे से अधिक है)। यह कोर इंडस्ट्रीज में जरूरी मूल्य-वर्धित उत्पादों का अग्रणी निर्माता है। वेदांता एल्युमिनियम को S&P Global Corporate Sustainability Assessment 2024 विश्व रैंकिंग में एल्युमिनियम इंडस्ट्री के लिए द्वितीय स्थान मिला है, जो इसके सतत विकास नीतियों को दर्शाता है। कंपनी अपने विश्व-स्तरीय एल्युमिनियम स्मेल्टर्स, एल्युमिना रिफाइनरी और पावर प्लांट्स के साथ ‘भविष्य की धातु’ के रूप में एल्युमिनियम के नए उपयोगों को बढ़ावा देने के मिशन को पूरा करती है, ताकि पर्यावरण के लिए हरित भलाई सुनिश्चित हो सके।

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