Jansansar
India
बिज़नेस

भारत मेंहो रहा हैएक नई स्टार्टअप क्रांति का आग़ाज़

एस.एस.के. भारत ग्रुप का एक ऐतिहासिक कदम

२१वीं सदी का भारत आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। हम सब मिलकर एक ऐसेभारत की

कल्पना कर रहेहैं, जो फिर से“विश्वगुरु” कहलाए – एक ऐसा भारत जो न केवल ज्ञान और संस्कृति

मेंअग्रणी हो, बल्कि कृषि, ऊर्जा, उद्योग और उद्यमिता मेंभी दुनिया को दिशा दे।

इसी सोच को साकार रूप देनेके लिए एस.एस.के. भारत ग्रुप नेदेश मेंपहली बार ग्रामीण भारत का

विकास और किसानों के सशक्तिकरण को केंद्र मेंरखकर एस.एस.के. भारत काशी विश्वनाथ मिनी

इंडस्ट्री एंड बिजनेस पार्क का निर्माणकार्य प्रारंभ किया है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के वाराणसी

जिलेके खरका गाँव मेंतेज़ी सेआकार लेरही है। इसका पहला चरण पूर्ण हो चुका है, और जुलाई

२०२५ तक यह पूरी तरह सेकार्यान्वित हो जाएगा।

इस लेख के माध्यम सेहम, एस.एस.के. भारत ग्रुप की तरफ़ सेइस अनोखी स्टार्टअप क्रांति की पूरी

जानकारी आपको साझा कर रहे है, ताकि भारत के हर किसान, युवा और निवेशक तक यह

सशक्तिकरण का और भारत को फिर सेविश्वगुरु बनानेका संदेश पहुँच सके।

एस.एस.के. भारत ग्रुप: एक नया दृष्टिकोण, एक नया मिशन

एस.एस.के. भारत मैनेजमेंट एंड मीडिया लिमिटेड एक कॉर्पोरेट समूह हैजो ग्रामीण भारत में

रोजगार, संसाधन और उद्यमिता के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य है- भारत को ५

ट्रिलियन डॉलर की मजबूत और हरित अर्थव्यवस्था की ओर लेजाना।

हम न केवल व्यवसाय कर रहेहैं, बल्कि एक इकोसिस्टम बना रहेहैंजिसमेंहर व्यक्ति को भागीदारी

का अवसर मिले। आज हमारी कंपनी बायोफ्यूल, बायोकोल, डेयरी, कैटल फीड, ऑर्गेनिक खेती,

मसाले, एफएमसीजी, और इकोफ्रेंडली प्रोडक्ट्स जैसेक्षेत्रों मेंकार्यरत है। हमारा विश्वास हैकि जब

तक ग्रामीण भारत का विकास नहीं होगा, तब तक नए भारत का, एक विश्वगुरु भारत का निर्माण

नही हो सकता।

एस.एस.के. भारत काशी विश्वनाथ मिनी इंडस्ट्री एंड बिजनेस पार्क: एक नई औद्योगिक दिशा

वाराणसी के खरका गांव मेंस्थापित किया जा रहा एस.एस.के. भारत काशी विश्वनाथ मिनी इंडस्ट्री

एंड बिजनेस पार्क केवल एक उद्योग नहीं है, यह एक आंदोलन है। यह देश की पहली ऐसी परियोजना

हैजिसमेंअलग अलग तरह की एग्रो बेज़ड इकाई को एक इंडस्ट्री की तरह स्थापित किया जा रहा

है, विकसित किया जा रहा है, जिसका लाभ किसानों और ग्रामीण युवाओं को होगा, साथ ही साथ

रोजगार के बोहोत सारेअवसर भी प्रदान करेगा।

इसमेंविकसित किए जा रहेप्रमुख उद्योगों में शामिल है।

 

बायोकोल ब्रिकेट्स और पेलेट्स निर्माण – जो नेपियर घास, जैविक अपशिष्ट और अन्य

बायोमास सेतैयार किए जाते हैं। ये उत्पाद थर्मल पावर प्लांट्स, बॉयलर और कूकिंग में

एल.पी.जी. के ऐवज मेंउपयोग किए जातेहैं।

  • बायो स्टोव – एल.पी.जी. गैस की तुलना में५०% सस्तेईंधन पर कार्य करनेवालेस्टोव,

जिनका वितरण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों मेंकिया जाएगा।

  • नेपियर घास आधारित हर्बल कैटल फीड – जिससेकिसानों को उच्च गुणवत्ता वाला पशुआहार

मिलेगा, जिससेदूध का उत्पाद और स्वाद बढ़ेगा, साथ ही उनकी आमदनी भी बढ़ेगी और

औषधीय गुणवालेदूध और दूध के उत्पादों का लोगों को लाभ मिलेगा।।

  • देसी गाय आधारित डेयरी उद्योग – देसी गायों के दूध सेउत्पादित दूध, दही, पनीर, लस्सी

और आइसक्रीम।

  • गौमूत्र और गोबर सेबनेउत्पाद – जैसेबायो-सी.एन.जी., जैविक खाद, अगरबत्ती और वैदिक

पेंट।

  • मसाले, खाद्य तेल और एग्रो बेस्ड अन्य उत्पाद – जिनके लिए कच्चा माल स्थानीय किसानों

सेही ख़रीदा जाएगा।

किसानों और युवाओंके लिए सुनहरा अवसर:

इस परियोजना के द्वारा ५००० सेअधिक किसानों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप सेरोज़गार मिलेगा,

जिनकी ज़मीन का सही उपयोग होगा, आमदनी मेंबढ़ोतरी होगी, और उन्हेंएक अच्छा जीवन जीने

का मौका मिलेगा।

इसके साथ ही वाराणसी जिल्हेके १५०० स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर इस योजना सेअलग

अलग माध्यम सेजोड़ा जाएगा। हमारा उद्देश्य हैकि हर युवा अब नौकरी की तलाश मेंना भटके,

बल्कि स्वयं व्यवसाय करेऔर एक अच्छी आमदनी प्राप्त करे।

एस.एस.के. भारत स्टार्टअप क्रांति: एक नए आंदोलन की शुरुआत

एस.एस.के. भारत ग्रुप के द्वारा प्रारंभ की गई यह क्रांति केवल एक व्यावसायिक योजना नहीं, बल्कि

भारत के भविष्य को और भी बेहतर बनानेकी योजना है। हम एक ऐसेमॉडल पर कार्य कर रहेहैं

जिसमेंस्थानीय संसाधनों का उपयोग करके वैश्विक गुणवत्ता वालेउत्पाद तैयार किए जाएँ।

यही नहीं, हमारेग्रुप के चेयरमैन, अधिवक्ता श्री श्यामशंकर उपाध्याय जी, को यूरेशिया क्षेत्र के लिए

व्यापार आयुक्त (ट्रेड कमिश्नर) नियुक्त किया गया है, जिससे हमारे द्वारा निर्मित उत्पादों का

निर्यात यूरोप और ग्लोबल मार्केट मेंभी किया जाएगा। इससेन केवल देश को विदेशी मुद्रा प्राप्त

होगी, बल्कि भारत का कृषि, डेयरी और जैविक उद्योग भी विश्व स्तर पर स्थापित होगा और अपनी

एक नई पेहचान बनायेगा।

 

निवेश का सुनेहरा अवसर जो आपका भविष्य बनाएगा

इस परियोजना की कुल लागत १५ करोड़ रुपये हैऔर इसके पहली इकाई में उत्पादन कार्य की

शुरुआत हो चुकी हैऔर अब हम अगलेचरण के लिए निवेशकों को आमंत्रित कर रहेहैं।

आज जब भारत कि बड़ी-बड़ी कंपनियों सेलेके छोटेछोटेस्टार्टअप भी निवेश के लिए विदेशों के ओर

देख रहेहैतब हम भारत के निवेशकों को साथ मेंलेके छोटेछोटेनिवेशों द्वारा एक बड़ी क्रांति का

आगास करनेजा रहेहै। हम चाहतेहैकी यह भारतीय कंपनी आजीवन भारतीय बनी रहे, यह विदेशी

कंपनियों की गुलाम ना बनेऔर जिसके द्वारा हम सब मिलकर एक नए भारत का निर्माण करे।

आनेवाले वर्षों में हम इस तरह के अनेक प्रोजेक्ट भारत के विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों मेंस्थापित

करनेजा रहेहै।

अब आपके योगदान की बारी है…

एस.एस.के. भारत ग्रुप नेरास्ता बना दिया है, अब ज़रूरत हैआपके साथ की। अगर आप किसान हैं,

युवा हैं, प्रोफेशनल हैं, या एक जिम्मेदार नागरिक हैं- जो भारत को फिर सेविश्वगुरु बनतेहुए देखना

चाहतेहै, तो यह मिशन आपका है।

हम आपको इस स्टार्टअप क्रांति का हिस्सा बननेके लिए आमंत्रित करतेहैं। आओ हम सब मिलके,

अपने जीवन के साथ-साथ अपने गाँव, अपनेक्षेत्र और हमारे अपने भारत को भी समृद्ध और

विश्वगुरु भारत बनाए।

समापन मेंएक संदेश

यह केवल एक बिजनेस का मॉडल नहीं है, यह एक राष्ट्रीय आंदोलन है। आइए, अपनेबच्चों के लिए,

अपनेदेश के लिए, और अपनेभविष्य के लिए, इस अभियान का हिस्सा बनें।

“भारत फिर सेविश्वगुरु बने, यही हमारा संकल्प है।”

जय हिंद – जय भारत!

शुभम भवतुसर्वदा

– श्री. कार्तिक रावल

मुख्य प्रबंध निदेशक, एस.एस.के. भारत मैनेजमेंट एंड मीडिया लिमिटेड

info@sskbharat.com

85917 01264

Related posts

₹5,000 से शुरू हुआ सफर, 10×10 के कमरे से 20,000 sq. ft. फैक्ट्री और तीसरे Store तक पहुंचा Sagar Perfume

Ravi Jekar

अहमदाबाद की जीवंत उत्सवी संस्कृति शहर की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान के रूप में उभरी: स्कायस्कैनर का खुलासा

Jansansar News Desk

जब भाषा नहीं, हौसला बना पहचान: पीडब्ल्यू ने NEET 2026 के हिंदी माध्यम छात्रों का किया सम्मान

Jansansar News Desk

‘कल जानते हैं, कल बनाते हैं’: जैनम ने लॉन्च किया अपना पहला ब्रांड कैंपेन

Ravi Jekar

Invertis University: 3,853+ Internship Opportunities से Students को मिल रहा Industry Exposure

Jansansar News Desk

जोगी आयुर्वेद की दो दशक लंबी यात्रा के केंद्र में निवारक स्वास्थ्य सेवा

Jansansar News Desk

Leave a Comment